Page 51 - E-Patrika 6th Hindi Edition
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पत्र : वक्त क  अलमार  का सबसे क मती गहना


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                        जब मोबाईल न थ, न ई मेल का कोई, नाम था
                                                                े
                        तब कागज का एक टुकड़ा ही, हरक िदल का पैगाम था
                                                                              े
                        िजसम  स्याही से भ गे, हर अक्षर, क ु छ बोलत थ             े
                                                                     े
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                                                                        े
                        िलफाफ म  बंद, हमार जज्बात, डोलत थ 2
                        डािकया जब, गली म , साईिकल से आता था
                        हर दरवाजा, एक उम्मीद से खुल जाता था
                        मां का आंचल, बाबूजी का आशीष, बहन क  राखी और
                        पत्नी का प्यार, सब िदल को छू जाता था 2



                        अंतरदेशी पर िलख , दो लाइन

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                        खुिशय  क, खजान, खोल देती थ
                                    े
                        कागज पर स्याही से िलख , भावनाएं,
                        जेहन म , अपनापन, घोल देती थ  2


                                                        े
                                                                  े
                        मनीआडर से आई, पापा क, पसीन क  कमाई
                        िच ी म  िलपटी, मां क  , अनोखी दहाई
                                                                   ु
                        फौजी का खत, सरहद से,जब आता था
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                        पूरा गांव, घर क आंगन म  इक ा हो जाता था 2


                        आज मैसेज, चंद सेक ं ड म , पह ंच जाता है

                                                    े
                        पर पत्र  को, छूकर पढ़न का ,वो सक ू न कहां आता है 2
                        टाइप िकए शब्द, िमट जाते ह , पल भर म

                        पर पत्र  म  िलखा, हरक शब्द, िदल  म , गहरी पैठ बनाता है 2
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                                                                े
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                        पुरानी,संदक म  रखे, वो नील पील पत्र
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                        वक्त क  अलमारी का, सबसे बड़ा गहना ह  2
                        स्याही धुंधली हो जाए, भल ही , शब्द  क
                                                         े
                        पर अहसास  क  चमक, सदा एक सी रहना है
                        पत्र वक्त क  अलमारी का , सबसे क मती गहना है l










                                                                                       अर वद क ु मार जोशी

                                                                                              ्
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                                                                                            ु







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