Page 12 - E-Patrika 5th Hindi Edition
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2. वडोदरा का इितहास
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वडोदरा, जस पहल बड़ौदा क नाम से जाना जाता था, भारत क प मी राज्य
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गजरात का एक प्रमख शहर है । यह शहर िव ा मत्री नदी क िकनार बसा है । इस
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नदी का नाम महान सत िव ा मत्र क नाम पर पड़ा है ।
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वडोदरा का इितहास कई शता यों पव स शुरू होता है । पराता त्वक सा ों
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स पता चलता है िक यहां पाषाण यग म भी मानव बसावट थी । प्राचीन काल म इसे
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"अकोत्तका" और बाद म "वडपद्रक" क नाम स जाना जाता था । यह क्षेत्र मौय ,
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गप्त, चालक्य और िद ी सल्तनत जसे अनक शासकों क अधीन रहा ।
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Vadodara - tHE city of Culture and Heritage
18वीं सदी क शुरुआत म मराठों न इस पर अ धकार कर लया । 1721
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म गायकवाड़ वश ने वडोदरा म अपनी सत्ता ािपत क और इसे अपनी राजधानी
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बनाया । गायकवाड़ों ने शहर क िवकास और सा ितक समृ द्ध म अहम भ मका
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िनभाई ।
महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ ततीय (1875-1939) क शासनकाल
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म वडोदरा ने जबरदस्त प्रगित क । व एक प्रगितशील शासक थे ज ोंन शक्षा,
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ास्थ्, प रवहन और सामा जक सुधारों म अहम योगदान िदया ।
वतमान वडोदरा अपने महलों, सग्रहालयों और उच्च शक्षण स ानों क े
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लए प्र सद्ध है । वडोदरा आज इितहास और आधुिनकता का सुदर सगम है, जो
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गजरात क सबस महत्वपण और जीवत शहरों म से एक माना जाता है ।
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