Page 14 - E-Patrika 5th Hindi Edition
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                                                ब

                                                    ध
                                                    ं
                                       ज
                                 आ
                                 आजवा बाध (सयाजी सरोवर)

                                             ा
                                          व
                                                        (
                                                                               ो
                                                                             र
                                                                         स
                                                                                     )
                                                                                   र
                                                                                 व
                                                                  ा
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                                                           स

                                                                       ी
                                                                   ज






               आजवा बांध का िनमाण वष 1885 म  महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय

          ारा कराया गया था । सयाजी सरोवर इस बांध  ारा िनिम त एक जलाशय है । यह
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                                                    ू
         वडोदरा शहर स लगभग 10 मील पव िदशा म   त है ।

                                                                                      ं
                                                                                       ृ
                          े

                 बांध क समीप प्र सद्ध आजवा गाडन   त ह ,  ज   वदावन गाडन भी कहा


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                        े
         जाता है । य मसर क वदावन गाडन क  तज  पर िवक सत िकए गए ह  । यह  ान
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         िवशष रूप स शाम क समय अपने रगीन फ ारों और सगीतमय फाउटन क  लए
                                                                                                    े
                                                                                                  ं
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                                                                                                          े
                                                        ं
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         बहुत प्र सद्ध है ।
                                 व ाधर वाव (स्टेपवेल), सेवासी
                                  व    ा ध  र   व ा व   ( स् टे प वे ल  ) ,   से व ा स  ी















                                                                                      ु
                                                                                                े
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              िव ाधर वाव (या सवासी वाव), जो सेवासी म  वडोदरा, गजरात क िनकट   त

                                                            ं
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         है, एक लगभग 500 वष परानी, सात म जला सीढ़ीदार बावड़ी है । इसका िनमाण
                                                                                   े

         1543 ई ी म राजा ह रदास  ारा एक आ ा  क गरु क स ान म  कराया गया
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                                                                                                       ं
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                                                                     ु
         था । इस वाव म दवी-दवताओं, पशुओं तथा पष्प आकितयों क  अ त सुदर और
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         जिटल न ाशी दखने को  मलती है ।
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