Page 13 - E-Patrika 5th Hindi Edition
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3. वडोदरा क े  प्रमुख स्थान




                                                दलाराम बगला
                                                 द ल   ा र ा म   ब ं ं ग ल ा




































                    “यह  ारक स्वामी  ववेकानद (1863 - 1902) क   ृ त म  ह,
                                                       ं
                                                                                                   ै
                                                            ं
                         ै
            जन्हा ने अप्रल 1892 म  इस  दलाराम बगले म  क ु छ  दना  तक प्रवास  कया था।”

                                                  े
                               ृ
                    ी रामकष्ण परमहंस क दहावसान क बाद,  ामी िववकानद ने लगभग
                                                                                          े
                                                                                               ं
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                                                                   े
          तीन वष  तक भारतभर म एक प र ाजक स ासी क रूप म  या ा क ,  जसम  से
                                                                 ं
                                                                            े

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          सबस लबा समय उ ोंने गजरात म  व्यतीत िकया ।
                                    ै
                                                                                         े
                     ामीजी अप्रल 1892 म वडोदरा आए और उस समय क दीवान म णभाई

                                                                                          े
                                       े
                                                                ं
                                                                               े

                         े
          जसाभाई क अित थ क रूप म िदलाराम बगले म  ठहर । उ ोंन राज्य क   शक्षा

          प्रणाली क बार म उनस चचा क  ।  ामीजी ने पस्तकालय का भी दौरा िकया और
                                                                      ु

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          ल ी  िवलास  पलस  म  राजा  रिव  वमा   ारा  बनाई  गई   च ों  को  दखा ।   जन
                                                                                                  े
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                                                                े
          शासकों  स   ामीजी   मल  थे,  उनम   से  व  िवशेष  रूप  से  बड़ौदा  क  गायकवाड़
                                           े
                                                                                                े
                       े
          शासक क  क्षमता, दशभ  , ऊजा और दूरद शता से अ त प्रभािवत हुए ।

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                                                                                   ं
                             ं
                                                                              ं
                  यह अ त हष का िवषय है िक  ामी िववकानद क प्रवास से पावन बना
                                                                         े

                                                                                    े
          यह ऐितहा सक िदलाराम बगला गजरात सरकार  ारा 18 अप्रैल 2005, रामनवमी
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                                           ं
          क  िदन,  रामकष्ण  मठ  एव  रामकष्ण   मशन  क  त ालीन  उपाध्यक्ष   ामी
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                                                                                                ृ
                       ं
          आत्म ानद महाराज को सौंपा गया । उसी िदन स वडोदरा म रामकष्ण मठ एव                                      ं
                                                                          े


          रामकष्ण  मशन क  आ धका रक शाखा कायरत हो गई ।
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